
बेटी मुझ पर बोझ नहीं
November 18, 2022
अर्चना कोहली 'अर्चि' / April 07, 2024
"बेटा। यह क्या घर की तख्ती पर तेरे नाम के साथ बहू का नाम भी लिखा है। उसका नाम लिखने की क्या ज़रूरत है", गृहप्रवेश की पूजा के बाद मीना ने निखिल से कहा।
"यह मेरा निर्णय है। जब आधे से ज्यादा पैसे अनु के लगे हैं और भागदौड़ भी उसने की है तो तख्ती पर उसका नाम भी होना चाहिए।"
"तो अनामिका ने तेरे कान भरे हैं।"
"नहीं माँ। उसने तो कुछ नहीं कहा। फिर लड़की का खुद का घर होता ही कहांँ है।। एक घर के लिए वह जीवन भर तरसती ही रहती है। क्या गलत कहा मैंने!"
मीना सोच में पड़ गई, सच ही तो कह रहा है निखिल। मायका हो या ससुराल, क्या हक से किसी को अपना कह पाई।
अर्चना कोहली 'अर्चि'
नोएडा (उत्तर प्रदेश)
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